राजेश गनोदवाले/ ‘खोखो पारा’ अलग ढंग का नाम. रायपुर एक प्रकार से पारों का शहर है. नयापारा, छोटापारा, आमापारा, तात्यापारा, बंधवापारा, बढ़ईपारा, बूढ़ापारा, बैजनाथपारा, केलकरपारा, फोकटपारा, मौदहापारा और-खोखो पारा. पारा यानी मुहल्ला. इन नामों से उस इलाके को क्यों जाना जाता है? मैं नहीं जानता. लेकिन ऐसा कहे जाने केContinue Reading

पीयूष कुमार/ छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान उसकी उदात्त संस्कृति है. यह संस्कृति यहां की लोकमान्यताओं और परंपराओं में आज भी अन्य जगहों के मुकाबले अधिक बची हुई है. यहां की हरियर धरती और समाज जो लंबे समय तक बाहरी प्रभाव से संक्रमित नहीं हुआ था, इस बचाव की बड़ीContinue Reading

प्रफुल्ल ठाकुर/ छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री में अब तक पुरुष ही निर्देशन करते आए हैं. अब एक महिला निर्देशक की धमाकेदार एंट्री होने जा रही है. ये हैं पल्लवी शिल्पी, जो अभिनेत्री भी हैं और नाटकों का निर्देशन करती रही हैं. वे बस्तर के आदिवासियों के पलायन पर फिल्म बना रहीContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ मास्टर जी यानी पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी. बख्शी जी छत्तीसगढ़ ही नहीं देश के महान साहित्यकारों में से एक हैं. उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित एवं कालजयी साहित्यिक पत्रिका ‘सरस्वती’ का संपादन कर राज्य का गौरव बढ़ाया है. बख्शी जी केवल बी.ए. तक पढ़े थे, लेकिन उनके लिखेContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ अगर आपने कवि और वरिष्ठ पत्रकार निकष परमार की कविताएं नहीं पढ़ीं तो जल्द पढ़ लेना चाहिए. निकष की कविताएं प्रकृति, संवेदना और यथार्थ के इतने करीब हैं कि पढ़ने वालों को लगता है कि यह उनकी ही कविताएं हैं. भावों को शब्दों में वे कुछ तरहContinue Reading

पीयूष कुमार मनुष्य के स्थायी जीवन का आधार खेती है. भोजन की तलाश में आदिम युग की भटकन लंबे समय तक चली और तब जाकर इंसान को खेती में ठौर मिला है और उसके आधार पर अब तक की प्रगति दर्ज हुई है. जाहिर है, इसे प्रकृति के प्रति कृतज्ञताContinue Reading

प्रफुल्ल ठाकुर/ युवा पर्वतारोही नैना सिंह धाकड़ ने छत्तीसगढ़ के बस्तर को एक नई पहचान दी है. 1 जून 2021 को वे दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी एवरेस्ट पर जा पहुंचीं. ऐसा करने वाली वे राज्य की दूसरी पर्वतारोही हैं. इससे पहले 1993 में भिलाई की सविता धपवाल नेContinue Reading

दिवाकर मुक्तिबोध/ ‘शिष्य. स्पष्ट कह दूं कि मैं ब्रम्हराक्षस हूं किंतु फिर भी तुम्हारा गुरु हूं. मुझे तुम्हारा स्नेह चाहिए. अपने मानव जीवन में मैंने विश्व की समस्त विद्या को मथ डाला, किन्तु दुर्भाग्य से कोई योग्य शिष्य न मिल पाया कि जिसे मैं समस्त ज्ञान दे पाता. इसलिए मेरीContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ मिनीमाता छत्तीसगढ़ अंचल की पहली महिला सांसद व कर्मठ समाज सुधारक थीं. वे अस्पृश्यता यानी छुआछूत को समाज के लिए अभिशाप मानती थीं और देश के सर्वांगीण विकास के लिए इसे पूरी तरह से खत्म करना चाहती थीं. यही कारण था कि उन्होंने संसद में ऐतिहासिक अस्पृश्यताContinue Reading

पीयूष कुमार/ बात लगभग 132 साल पुरानी है. छत्तीसगढ़ के रायपुर वनमंडल अंतर्गत एक अंग्रेज वन अधिकारी की पोस्टिंग पिथौरा में हुई. उन्होंने कुम्हारीमुड़ा गांव के एक निवासी मनीराम गोंड को बीटगार्ड की नौकरी पर रखा. मनीराम खाना बनाने में भी कुशल थे. उनके हाथों से बने भोजन का स्वादContinue Reading