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इति कथा

धान की देवी लछमी और बस्तर की अनूठी लोकगाथा

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क. छत्तीसगढ़ का बस्तर केवल अपनी आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध कृषि परंपरा

कला संस्कृति

कृष्ण का लोक, प्रेम और हम

 पीयूष कुमार/ मुझे कृष्ण का गौपालक रूप बहुत प्रिय है. खासतौर से सूरदास और रसखान रचित. ब्रज के आलोक में जिस लोक का उन्होंने वर्णन किया है, वह अद्भुत है. 15वीं सदी में सूरदास के काव्य में गोपियां रास कर रही हैं. यह नागर समाज के हिसाब से क्रांतिकारी चित्रण

साहित्यनामा

बारूद के पार भी एक बस्तर है, जिसे अपनी कविताओं में रच रही हैं पूनम

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क. बस्तर का नाम आते ही अक्सर नक्सलवाद, हिंसा और पिछड़ेपन की तस्वीर सामने आती है. लेकिन इस इलाके की

छत्तीसगढ़ की माटी को अपनी कविता में जीने वाले जनकवि केदार सिंह परिहार

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क. ‘छत्तीसगढ़ ल छांव करे बर मंय छानही बन जातेंव’… यह सिर्फ एक गीत की पंक्ति नहीं, बल्कि

निकष परमार: प्रकृति, संवेदना और यथार्थ के कवि

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ अगर आपने कवि और वरिष्ठ पत्रकार निकष परमार की कविताएं नहीं पढ़ीं तो जल्द पढ़ लेना चाहिए.

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