छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क. बस्तर के अंतिम छोर पर बसे बीजापुर की कवियत्री पूनम वासम ने कविताओं की वजह से देशभर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. पूनम की कविताओं में बस्तर की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलती है, तो बस्तर का दर्द भी उभर कर सामने आता है. अपनी अनूठी भाषा शैली औरContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क. छत्तीसगढ़ी गीतों की जब भी बात होगी, केदार सिंह परिहार का नाम भला कौन भूल सकता है. मुंगेली के केशतरा में रहने वाले श्री परिहार ने कई सुप्रसिद्ध गीत लिखे हैं. 1972 में उनका लिखा एक गीत ‘छत्तीसगढ़ ल छांव करे बर मय छानही बन जातेंव’ आजContinue Reading

दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर प्रभुदत्त खेरा 35 वर्षों तक अचानकमार के जंगल में रहे. शैक्षणिक भ्रमण पर लमनी आए प्रोफेसर खेरा ने बैगा आदिवासियों की जिंदगी को करीब से देखा और फिर यहीं रहने का मन बना लिया. नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें महानगर की चकाचौंध नहींContinue Reading

 पीयूष कुमार/ मुझे कृष्ण का गौपालक रूप बहुत प्रिय है. खासतौर से सूरदास और रसखान रचित. ब्रज के आलोक में जिस लोक का उन्होंने वर्णन किया है, वह अद्भुत है. 15वीं सदी में सूरदास के काव्य में गोपियां रास कर रही हैं. यह नागर समाज के हिसाब से क्रांतिकारी चित्रणContinue Reading

मनोज व्यास/ सड़क पर अनमने ढंग के चला जा रहा था तभी मेरी नजर सामने चल रही एक बूढ़ी काया पर पड़ी. ये क्या..मैं तो चौंक गया. ये तो महात्मा गांधी हैं. लेकिन ये बापू किसका हाथ पकड़कर चल रहे हैं.? अरे ये तो नाथूराम गोडसे है. बापू अपने हत्यारेContinue Reading

प्रफुल्ल ठाकुर/ छत्तीसगढ़ का हसदेव अरण्य (हसदेव जंगल) इन दिनों चर्चा में है. हसदेव अरण्य को बचाने प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों तक में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. मध्यभारत का फेफड़ा कहे जाने वाले इस जंगल को काटने के निर्णय से लोग न केवल चिंतितContinue Reading

जीवेश चौबे/ प्रख्यात रंगकर्मी, निर्देशक, अभिनेता हबीब तनवीर का यह जन्म शताब्दी वर्ष है. उनका जन्म 1 सितंबर 1923 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में हुआ. हबीब तनवीर के पिता हफीज अहमद खान पेशावर, पाकिस्तान के रहने वाले थे. हबीब तनवीर की स्कूली शिक्षा रायपुर से पूरी हुई. रायपुर के लॉरी म्युनिसिपलContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क. छत्तीसगढ़ से भगवान श्रीराम का बहुत गहरा नाता माना जाता है. कहा जाता है, भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास का काफी समय छत्तीसगढ़ में व्यतीत किया था. छत्तीसगढ होते हुए ही वे लंका पहुंचे थे. छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम का ननिहाल भी माना जाताContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क. इंसानों की जिंदगी बचाने वाले बहुत से लोगों के किस्से आपने सुने होंगे, लेकिन आज हम आपको सांपों की जिंदगी बचाने वाली एक संस्था की कहानी बताने जा रहे हैं. इस संस्था का नाम है- नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी. संस्था छत्तीसगढ़ के 6 जिलों रायपुर, दुर्ग, मुंगेली,Continue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ छत्तीसगढ़ में 28 मार्च 1953 को शराबबंदी के खिलाफ एक बड़े आंदोलन की शुरूआत हुई थी और उस आंदोलन का नेतृत्व एक महिला ने किया था, जिन्हें उनके सामाजिक सरोकार और शराबबंदी के खिलाफ मुहिम चलाने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया. जी हां, हम बातContinue Reading