धरती से करीब 29 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ सकने की क्षमता रखने वाले ‘बार हेडेड गूज’ इन दिनों वापसी की उड़ान भर रहे हैं. इन पक्षियों को बिलासपुर से करीब 13 किलोमीटर दूर कोपरा जलाशय में कुछ घंटों के लिए आराम करते देखा जा सकता है. जिले केContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ छत्तीसगढ़ की भूमि पर अनके महान विभूतियों का जन्म हुआ है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन कला को समर्पित कर दिया. इनमें से एक नाम छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य नाचा के जनक दाऊ मंदराजी का है. जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ का नाम देश-विदेश में रोशन किया. उन्होंनेContinue Reading

छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक जल्द होने वाली है. जून के पहले या दूसरे सप्ताह तक मानसून के आने की पूरी संभावना है. इसके मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के छप्पर को दुरुस्त करने का काम जोर-शोर से चल रहा है. छप्पर के टुटे-फुटे खपरों को निकालकर उसकी जगह साबूतContinue Reading

पीयूष कुमार/ छेरछेरा छत्तीसगढ़ का स्थानीय त्योहार है. यह परम्परा दान से जुड़ी है. यहां दान याचक और दाता के भाव का नहीं है, बल्कि जो अपने पास है, वह बांटने की भावना से पूरित है. छत्तीसगढ़ में ‘छेरछेरा’ के आरंभ को लेकर रतनपुर के राजा कल्याण साय की लोककथाContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ जंगलों की कटाई और पहाडों के उत्खनन की खबरें तो आपने अक्सर देखी-सुनी होगी, लेकिन पहाड़ को बचाने उस पर जंगल उगाने की कहानी बहुत कम बार देखने और सुनने को मिलती है. इस बार ऐसी ही एक अच्छी खबर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से आई है,Continue Reading

मुहम्मद जाकिर हुसैन/ फिल्मी दुनिया में सुपर स्टार का दर्जा पाने वाले राजेश खन्ना को हम सबके बीच से गुजरे अब 9 साल पूरे हो चुके हैं. फिल्मी दुनिया और राजनीति में राजेश खन्ना के योगदान को लेकर हमेशा चर्चा होती रहेगी. आज उनकी पुण्यतिथि पर ऐसे दो लोगों केContinue Reading

आशीष सिंह/ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पन्नों पर आंदोलनकारी सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान की गाथा जितने दमकते अक्षरों में अंकित है, उतने ही स्याह हर्फों में गद्दारों की कुटिल कथा भी लिखी गई है. हर युग में पृथ्वीराज चौहान को जयचंदों से धोखा मिला है. ऐसी ही एकContinue Reading

प्रफुल्ल ठाकुर/ शास्त्रीय संगीत में जो रस है, उसका पान तो आप सभी ने किया होगा, लेकिन बांसुरी की मधुर तान, तबले-मृदंग की थाप और सात सुरों के आरोह-अवरोह में बड़े हुए और पके आमों का रसपान करने का ख्याल कैसा रहेगा… इतना पढ़कर यदि मुंह में आम की मिठासContinue Reading

राहुल कुमार सिंह/ आमंत्रण है, बसंत ने दस्तक दे दी. सचेत होते वेलेन्टाइन आ जाएगा. इस बीच बहुतेरे मन कोयल की कूक के साथ दिल में उठती हूक का तुक बिठाने में तो कुछ कोयली कूक काम-कथा के अनुप्रास अलंकरण आलेख आमंत्रण में ही डूबे-उतराए जा रहे हैं. कहा गयाContinue Reading

पीयूष कुमार/ लोक में एक विशेष चरित्र हमेशा रहा है जो किसी रिश्ते के नाम से समाज में चर्चित रहता है. यह जगत मामा, भैया, कका, बबा या फूफा आदि रूपों में अपने आसपास को प्रभावित किये रहता है. इसी तरह एक चरित्र साकार हुआ है राहुल सिंह जी कीContinue Reading