पीयूष कुमार/ छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान उसकी उदात्त संस्कृति है. यह संस्कृति यहां की लोकमान्यताओं और परंपराओं में आज भी अन्य जगहों के मुकाबले अधिक बची हुई है. यहां की हरियर धरती और समाज जो लंबे समय तक बाहरी प्रभाव से संक्रमित नहीं हुआ था, इस बचाव की बड़ीContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ अगर आपने कवि और वरिष्ठ पत्रकार निकष परमार की कविताएं नहीं पढ़ीं तो जल्द पढ़ लेना चाहिए. निकष की कविताएं प्रकृति, संवेदना और यथार्थ के इतने करीब हैं कि पढ़ने वालों को लगता है कि यह उनकी ही कविताएं हैं. भावों को शब्दों में वे कुछ तरहContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ मिनीमाता छत्तीसगढ़ अंचल की पहली महिला सांसद व कर्मठ समाज सुधारक थीं. वे अस्पृश्यता यानी छुआछूत को समाज के लिए अभिशाप मानती थीं और देश के सर्वांगीण विकास के लिए इसे पूरी तरह से खत्म करना चाहती थीं. यही कारण था कि उन्होंने संसद में ऐतिहासिक अस्पृश्यताContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ छत्तीसगढ़ में एक से बढ़कर एक चीजें हैं, जिनकी वजहों को राज्य को देश-दुनिया में जाना जाता है. उन्हीं में एक है जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित रोजरी की महारानी महागिरजाघर. इसे एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च माना जाता है. यहां एक साथ 10 हजार लोगContinue Reading

कनक तिवारी/ 28 सितंबर, 1991 को आखिरकार शंकर गुहा नियोगी की हत्या कर ही दी गई. जिंदगी और मौत के बीच एक जोखिम भरे व्यक्तित्व ने अपनी आखिरी सांस उन मजदूर साथियों के लिए तोड़ दी, जिनके लिए नियोगी का नाम अमर रहेगा. रात के घने अंधकार में छत्तीसगढ़ केContinue Reading