मुहम्मद जाकिर हुसैन/ पूर्व प्रधानमंत्री स्वं. इंदिरा गांधी का भिलाई से आत्मीय लगाव रहा है. 9 फरवरी 1963 को इंदिरा गांधी का पहला भिलाई दौरा उनके पिता पं. जवाहरलाल नेहरू के कहने पर हुआ था. तब वो किसी पद पर नहीं थीं, यहां तक कि सांसद भी नहीं थीं. तबContinue Reading

कनक तिवारी/ 28 सितंबर, 1991 को आखिरकार शंकर गुहा नियोगी की हत्या कर ही दी गई. जिंदगी और मौत के बीच एक जोखिम भरे व्यक्तित्व ने अपनी आखिरी सांस उन मजदूर साथियों के लिए तोड़ दी, जिनके लिए नियोगी का नाम अमर रहेगा. रात के घने अंधकार में छत्तीसगढ़ केContinue Reading

रमेश अनुपम/   ‘अपने अकेले होने को एक-एक अकेले के बीच रखने अपने को हम लोग कहता हूं कविता की अभिव्यक्ति के लिए व्याकरण का अतिक्रमण करते एक बिहारी की तरह कहता हूं कि हम लोग आता हूं इस कथन के साथ के लिए छत्तीसगढ़ी में-हमन आवत हन तुम हमContinue Reading

सत्यप्रकाश पांडेय/ प्रकृति की गोद में अनंत सौंदर्य और कलाएं बिखरी पड़ी हैं. सृजनात्मकता के इस महासागर में तितलियां काफी छोटी कृति हैं. पर वे इतनी मोहक होती हैं कि अनायास की हमारा मन मोह लेती हैं. ईश्वर ने उन्हें कुछ खास रंग दिए हैं और वे उन रंगों सेContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ ‘‘तमिल में एक कहावत है- ‘दौड़ कर दूध पीने से बेहतर है चल कर पानी पीना’. मेरी यात्रा चलने की है, दौड़ने की नहीं. दौड़ते हुए आप बहुत बहुत सारी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं, छोड़ देते हैं. मैं चलते हुए अपनी यात्रा के रास्ते मेंContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ ‘मैं आज 68 साल की हो गई हूं. जब छोटी थी तब लड़कियों के लिए गाना-बजाना बहुत मुश्किल था. तब मैंने पंडवानी को गले लगाया क्योंकि मेरी हिम्मत बहुत बड़ी थी. मैंने ठान लिया था कि मुझे करना है मतलब करना है. दुनिया ने लाख ताने मारे,Continue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ छत्तीसगढ़ की पहली महिला रैपर मिनी साइक्लोन यानी अर्चना गोस्वामी के रैप सांग इन दिनों यू-ट्यूूब पर धूम मचा रहे हैं. अर्चना का हाल ही में एक रैप सांग ‘मर्द’ आया है, जिसकी काफी तारीफ हो रही है. 2 मिनट 44 सेकंड के इस रैप सांग मेंContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ छत्तीसगढ़ अंचल में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के अग्रदूत तथा कला जगत के धूमकेतु की उपमा से विभूषित दाऊ रामचंद्र देशमुख ने अपनी लोककला और लोकगीत के माध्यम से शोषण और अभावों से जूझते छत्तीसगढ़ अंचल को जागृत करने की सार्थक पहल की. छत्तीसगढ़ी समाज के अभावग्रस्त जीवन एवंContinue Reading

धरती से करीब 29 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ सकने की क्षमता रखने वाले ‘बार हेडेड गूज’ इन दिनों वापसी की उड़ान भर रहे हैं. इन पक्षियों को बिलासपुर से करीब 13 किलोमीटर दूर कोपरा जलाशय में कुछ घंटों के लिए आराम करते देखा जा सकता है. जिले केContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ छत्तीसगढ़ की भूमि पर अनके महान विभूतियों का जन्म हुआ है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन कला को समर्पित कर दिया. इनमें से एक नाम छत्तीसगढ़ी लोकनाट्य नाचा के जनक दाऊ मंदराजी का है. जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ का नाम देश-विदेश में रोशन किया. उन्होंनेContinue Reading