छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क. ‘छत्तीसगढ़ ल छांव करे बर मंय छानही बन जातेंव’… यह सिर्फ एक गीत की पंक्ति नहीं, बल्कि अपनी माटी के प्रति प्रेम और समर्पण की ऐसी अभिव्यक्ति है, जो समय के साथ छत्तीसगढ़ की पहचान का हिस्सा बन गई. इसके रचयिता केदार सिंह परिहार अब हमारे बीचContinue Reading