दिवाकर मुक्तिबोध/ ‘शिष्य. स्पष्ट कह दूं कि मैं ब्रम्हराक्षस हूं किंतु फिर भी तुम्हारा गुरु हूं. मुझे तुम्हारा स्नेह चाहिए. अपने मानव जीवन में मैंने विश्व की समस्त विद्या को मथ डाला, किन्तु दुर्भाग्य से कोई योग्य शिष्य न मिल पाया कि जिसे मैं समस्त ज्ञान दे पाता. इसलिए मेरीContinue Reading

छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ हिन्दी साहित्य के प्रमुख कवि, आलोचक, निबंधकार, कहानीकार तथा उपन्यासकार गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर 1917 को श्योपुर (शिवपुरी) जिला मुरैना, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में ह७ुआ. पिता का नाम माधवराव और माता का नाम पार्वती बाई था. पिता पुलिस में अधिकारी थे तो बचपन बड़ेContinue Reading