प्रफुल्ल ठाकुर/ देश का संविधान मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था. संविधान सभा की पहली ही बैठक में मुद्दा उठा कि सभा की कार्यवाही हिंदी में होनी चाहिए. इसके लिए संविधान का हिंदी अनुवाद करना जरूरी था. देश के चुने हुए विद्वानों को लेकर यह काम शुरू कियाContinue Reading