छत्तीसगढ़ गाथा डेस्क/ ‘मैं आज 68 साल की हो गई हूं. जब छोटी थी तब लड़कियों के लिए गाना-बजाना बहुत मुश्किल था. तब मैंने पंडवानी को गले लगाया क्योंकि मेरी हिम्मत बहुत बड़ी थी. मैंने ठान लिया था कि मुझे करना है मतलब करना है. दुनिया ने लाख ताने मारे,Continue Reading